वो भी क्या दिन थे .... बचपन के वो दिनअसल जिंदगी जिया करते थे कल की चिंता छोड़ आज में जिया करते थे ईर्ष्या,द्वेष से परे,पाक ...
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Archives for 2018
रविवार, 23 सितंबर 2018
गुरुवार, 9 अगस्त 2018
मैं कठपुतली नहीं.........
मैं कठपुतली नहीं............ मक बनी हाड़मांस की कठपुतली नहीं गर्वीले रॉब वाली आज की नारी हूँ पलक झपकत...
नारी अंतर्मन
उड़ान बहुत जी ली,अब उसे वो सब गवारा नहीं, बीता वो त्रासदी युग,बंदिशे ढीली पड़ी सुख जागा मन में साबित...
रविवार, 5 अगस्त 2018
राष्ट्र कवि गुप्तजी - दो शब्द
राषटर् कवि मानस भवन में आरय़जन जिसकी उतारे आरती। भगवान भारतव्रष में गूंजें हमारी भारती।। हिंदी साहित्य के राष्ट्र कवि पद...
शनिवार, 4 अगस्त 2018
उम्मीदों की मशाल
रामू की माँ तो अपने पति के शव पर पछाड़ खाकर गिरी जा रही थी.रामू कभी अपने छोटे भाई बहिन को संभाल रहा था ,तो कभी अपनी माँ को.अचानक पिता के चल...
बुधवार, 1 अगस्त 2018
गुरु महिमा
क्षण-प्रतिक्षण,जिंदगी सीखने का नाम सबक जरूरी नहीं,गुरु ही सिखाए जिससे शिक्षा मिले वही गुरु कहलाये जीवंत पर्यन्त गुरुओं से रहता सर...
शुक्रवार, 27 जुलाई 2018
मंगलवार, 24 जुलाई 2018
गोपालदास नीरज जी
काव्य मंचों के अपरिहार्य ,नैसर्गिक प्रतिभा के धनी,प्रख्यात गीतकार ,पद्मभूषण से सम्मानित,जीवन दर्शन के रचनाकार,साहित्य की लम्बी यात्रा के प...
मंगलवार, 17 जुलाई 2018
यातना
समय समय की बात यातना का जरिया बदला आमने सामने से ना लेते देते अब व्हाटसअप, फेसबुक से मिलती। जमाना वो था असफल होने पर बेटे ने बाप की ...
सोमवार, 16 जुलाई 2018
मैं और मेरा शहर
मैं और मेरा शहर मैं और मेरा शहर सौन्दर्यीकरण का अद्भुत नमूना शोरगुल भरें, चकाचौंध करते जातपात, धर्म वाद से परे पर अर...
