बचनबद्धता ...... अर्थ पर काबू पा लिया, पर आंसू अभी चुके नही, कल तक जो शक्ति स्वरूपा थी, आज वो अबला ,अशक्तता कैसे बन गई????...
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Archives for मई 2018
सोमवार, 28 मई 2018
रविवार, 27 मई 2018
एक डगर जिन्दगी की...
एक डगर जिन्दगी की... टेड़ी मेड़ी मतवाली सी लहर बन अपना मार्ग प्रशस्त करती, पर आज, नीरव निस्तब्धता इसकी खतरे काआगाज़ करती, सरिता नी...
मंगलवार, 22 मई 2018
महिलाओं की स्वतन्त्रता की वकालत करने वाले राजाराम मोहन रॉय ने समाज में महिलाओं को उचित स्थान देने का दृढ संकल्प कर,सम्पति पर...
सोमवार, 21 मई 2018
जिन्दगी क्या????एक हलवाई की दूकान...... इस मायावी दुनिया में भाँती -भांति के लोग, सबकी अपनी जिन्दगी,कोई अदरक तो कोई सोंठ, किसी की जगह ...
गुरुवार, 17 मई 2018
मुंह अँधेरे ही भजन की जगह,फोन की घंटी घनघना उठी, घंटी सुन फुर्ती आ गई,नही तो,उठाने वाले की शामत आ गई, ड्राईंग रूम की शोभा बढाने वाला,...
मंगलवार, 15 मई 2018
हमारा परिवार छोटा-सा ,साधारण -सा मध्यमवर्गीय हमारा परिवार, अपनेपन की मिठास घोलता,खुशहाल परिवार का आधार, परिवार के...
रविवार, 13 मई 2018
“ ऐसा भी इजहार: माँ – नानी का ” अनमोल रिश्तों को जोड़ने वाला शब्द ‘ माँ ’ खत हो या फोन ,बच्चों की ...
मंगलवार, 8 मई 2018
मजदूर दिवस चिथड़े कपड़े ,टूटी चप्पल ,पेट में नहीं एक निवाला, बीवी बच्चों की भूख की आग को मिटाने की खातिर तपती दुपहरी में ...