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शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2017

नारी महिमा....................                               देश के साथ दुनियां ने महिलाओं की आर्थिक निर्भरता के लिए लोहा माना कि वे दुनियां की नई आर्थिक शक्ति हैं.ज्योत्स्ना पन्त का कथन हैं कि ‘विश्व की नई आर्थिक रणनीति में मजबूत स्तम्भ के तौर पर उभर रही हैं महिलाएं.इन्हें नजरअंदाज करके आर्थिक प्रगति अब किसी देश के लिए सम्भव नहीं.महिलाओं की बड्तीभागीदारी को देखते हुए इन्वेस्टमेंट सेक्टर में ऐसे कोर्स भी तैयार किये जाने लहे हैं जिनकी मदद से वे इस क्षेत्र की बारीकियां समझ सके.इन्टरनेशनल मौन्तेंसरी फंड की एमडी क्रिस्टीन ने वर्ल्ड इकोनोमिक फॉर्म के समक्ष कहा हैं कियदि महिलाएं सफल तो अर्थव्यवस्था बड़िया.अर्थव्यवस्था को बदती महिलाओं की भागीदारी को एक नई आर्थिक क्रान्ति के रूप में देखा जा रहा हैं.देश का ज्यादा कारोबार करने वाली नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की कमान महिला के हाथ में होगी.एक लाख करोड़ का कारोबार करने वाली एनएसईकी सी ई ओ चित्रा रामकृष्णन बनी.बैंक व फाईनेंशियल इंस्टीट्यूटकी कमान भी महिलाओं के हाथ होगी.इस बदलाव का सकारात्मक रूप से देखना होगा.महिलाओं की आय विकासशील देशों में ८.१%की दर से बड़ी होने के कारण इन्हें सबसे तेजी से बदती आर्थिक शक्ति माना जा रहा हैं.
               अर्थव्यवस्था पर अमेरिका की विदेश सचिव रह चुकी हिलेरी क्लिंटन ने भी एक बार कहा था कि यदि अर्थव्यवस्था को मजबूत करना हैं तो सबसे पहले महिलाओं की इसमे भागीदारी बदानी होगी.आर्थिक सत्ता सम्भालने में गुण का हवाला देते हुए फाईनेंशियल जर्नलिस्ट जयेश चेतालिया कहते हैं कि बिजनेस में महिलाओं की बडती भागीदारी ने साबित कर दिया कि बेहतर फाएनेंस के गुण उनके अंदर होते हैं.निवेश करने से पहले उसके परिणामों पर बहुत सोच समझ कर ही निर्णय लेती हैं.मैनेज और नर्चर करने की शक्ति का गुण होने के कारण इन्हें बेहतर फाईनेंशियल एक्सपर्ट बनाता हैं.एशिया पैसेफिक के सोलह स्टॉक एक्सचेंज में से चित्रा रामकृष्णनको मिलाकर तीन महिलाएं जिसमें चित्रा एशिया की तीसरी प्रमुख हैं.महिला पुरुषों से अधिक सम्वेदनशील होने के कारण समस्याओं के हर पहलु को अच्छी तरह से समझ सकती हैं.इस सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ प्रदेश की एक मात्र महिला आबकारी अधिकारी नीतू नोतानी का कहना हैं कि पुरुष सहकर्मी,महिला अधिकारी को आसानी से स्वीकार नहीं करते हैं.कुछ भी कह देने से बात उन्हें चुभ जाती हैं ,वही दूसरी तरह महिलाएं एक दूसरे को सहयोग करने के साथ ही आगे बदने के लिए प्रेरित भी करती हैं.महिला सशक्तिकरणका बेहतरीन उदाहरण छत्तीसगढ़राज्य का एक जिला महासमुंद ऐसा हैं जिसमे महिलाओं की सरकार चलती हैं.जिला आबकारी अधिकारी नीतू नोतानी,खेल अधिकारी आरती पांडे,डीपीआरओइस्मत जहां दानी,महिला और बाल विकास अधिकारी प्रियंका ठाकुर,एसपी नीतू कमल सिंह,कलेक्टर आर.संगीता,जिला एवं सेशन जज अनुराधा खरे,सी ई ओ शिखा राजपूत तिवारी,जिला पंचायत अध्यक्ष सरला कोसरिया हैं.इस्मत जहां दानी का कहना हैं कि बदलाव की शुरुआत हो चुकी हैं,लेकिन इसे स्वीकार करने में लोगो को थोड़ा समय लगेगा. ‘आल वुमन ऑफीसर्स’ के सम्बन्ध में जिला कलेक्टर आर.संगीता का कहना हैं कि हम आपस में खुलकर बात कर सकते हैं.तालमेल बैठाने में आसानी होती हैं.इसी बात का समर्थन करते हुए सी ई ओ शिखा राजपूत का कहना हैं कि आल वुमन ऑफीसर्स से शेयरिंग और को-ऑर्डिनेशन बहुत अच्छा होता हैं.                                       जारी हैं..........................................
               
                   






























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