शांत चेहरे की अपनी होती एक कहानी............ शांत चेहरे पर होती अपनी एक कहानी, पर दिल के अंदर होते जज्बातों के तूफान, अंदर...
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बुधवार, 25 अप्रैल 2018
शुक्रवार, 20 अप्रैल 2018
क्यों अनजान रखा,उन काले अक्षरों से........?????? तू..तो माँ...थी..... तेरे लिए क्या..बेटा,क्या...बेटी ..... तेरी ममता तो बिना भेदभा...
शुक्रवार, 16 फ़रवरी 2018
“पिता हमारे वट वृक्ष समान” किसी ने सही ही कहा हैं कि ‘पिता न तो वह लंगर होता हैं जो तट पर बांधे रखे, न तो लहर जो दूर तक ले जाएँ. पिता त...
बुधवार, 14 फ़रवरी 2018
नारी : स्रष्टि की ऊर्जावान स्रोत का बिन सूनी काया ? का बिन सूनी माया? उपर्युक्त पंक्ति का अर्थ हैं –नारी [नाड़ी ].आज समाज में ...
मंगलवार, 30 जनवरी 2018
किसी ने सही ही कहा हैं कि-‘माँ’ शब्द स्वयं अपने आप में काव्य हैं जिसे किसी कलम से नहीं लिखा जा सकता. ममता का संसार,शाश्वत अनुरा...
मंगलवार, 23 जनवरी 2018
बस,तेरी ममता नहीं बदली...... तू ही नहीं,सभी,मेरे दुनिया में आने की ख़ुशी से खुश थे, तरह-तरह के सपने बुनते,मेरे भविष्य के, लेकिन,जब मे...
सोमवार, 22 जनवरी 2018
नारी,‘एक करूणामयी माँ’ नारी विविधता में एकता का प्रतीक हैं.उसके रूप एक नहीं अनेक हैं.वह माँ,बहिन,पत्नी की भूमिका निभाती...