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गुरुवार, 21 सितंबर 2017

कृतियाँ-नारी महिमा................          सामजिक मान्यताओं को नकारती केरोलिन बिट म्यूजियम के डायेरेक्टर जेरी सिमिनो के शब्दों में बीत पीड़ी एक ऐसी महान महिला थी,जो इस पीड़ीके लगभग सभी लेखकों के जीवन का न केवल अभिन्न अंग हैं बल्कि सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोंत भी थी.ऐ गोड ऑफ़ स्माल थिंक्स के लिए बुकर पुरूस्कार विजेता बिंग थिंक्स अरूंधती राय,लेखिका,सोशल एक्टिविस्ट भी हैं.इसरो के ३४ वर्षों से कार्यरत अनुराधा टिके,सेटेलाईट कम्युनिकेशन विशेषज्ञ ,जिन्होंने कन्नड़ भाषा में चाँद तक मनुष्य की पहुँच पर कविता लिख डाली.यह कविता जब नील आर्म स्ट्रोंग चाँद पर उतरे थे तब वह मात्र नौ वर्ष की थी.लडकियों के सम्बन्ध में उनका कहना हैं कि इनके लिए राकेट साईंटिस्ट बनना मुश्किल नहीं हैं,जरूरत कुछ व्यवस्था करने की हैं.सं २०११ में उपन्यास द फोल्डेड अर्थ के लिए इकोनोमिक क्रास वर्ड पुरुस्कार प्राप्त व अपने तीसरे उपन्यास स्लीपिंग ओंन जुपिटरके लिए अनुराधा राय लेखिका का नाम बुकर पुरूस्कार की सूची में शामिल किया गया हैं. आग का दरियाजैसी उर्दू के लिए ज्ञान पुथ पुरुस्क्र से सम्मानित कुर्तुल-ऍन-हैदर ने पर्दे को ठुकराकर पत्रकारिता जैसे मुखर क्षेत्र में कदम रखा.अकेले दम पर बीबीसी,डेलीग्राफके लिए रिपोर्टिंग की.कलम की जादूगरनी बैंगलूर की माया चन्द्र्शेखरन ने मात्र १७ वर्ष की आयु में नौ उपन्यास और ठेरों कहानियां,लेख लिख डाले.एरिका जोग,अमेरिकी कवियत्री का कहना हैं कि आपको किसी मूढ सी महिला के साथ कई स्मार्ट पुरुष दिख जायेगे,जबकि आप किसी मूढ पुरुष के साथ किसी स्मार्ट को शायद ही देख पायेंगे.
                अपनी कूची से केनवास पर भारत की नई तस्वीर उकेरने वाली अमृताशेरगिल का कहना हैं कि यह परिवर्तन सिर्फ विषय का नहीं,बल्कि तकनीकि भी हैं.उनकी पेंटिंग में नफासत के कारण यंग गर्ल्सपेंटिंग को पेरिस में एशोसियेशन ऑफ़ द ग्रैंड सैलून तक पहुचने का मौक़ा मिला.यहाँ तक पहुचने वाली पहली एशियाई महिला चित्रकार बनी और सबसे कम उम्र की महिला चित्रकार बनी.ख्याति प्राप्त चठाई करने व ट्राउजर्स पहनने के लिए एनिस्मिथ एक पथ प्रदर्शक स्कालर,लेखिका और खिलाड़ी हैं.मेरी लो विलियम्स ने वेव पियानिस्ट कम्पोजर और गायक के की रिकार्ड्स पर खुद का लेबल चिपकाया.सं १९१३ में लन्दन से प्रभावशाली पत्रिका स्टेट्स मेन की शुरुआत करने वाली वीटराइस पाटरवेब ने सामाजिक व्यवस्था व अर्थव्यवस्था पर जोर दिया.लन्दन स्कूल ऑफ़ इकोनोमिक्स व पालिटिक्स साईंस की सहसंस्थापक के तौर पर पहचान बनाई.                                जारी हैं............................... 





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